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हम सबको तो आपसे एक्शन की उम्मीद है,आप किससे उम्मीद लगा के बैठे है ?

 

प्रधानमंत्री मोदी को खुला पत्र

माननीय प्रधानमंत्री जी,

प्रधानमंत्री मोदी को खुला पत्र :आशा करता हु की आप भूले नही है की आपको २ वर्ष पूर्व हिंदुस्तान की जनता ने अकूत बहुमत से विजय बनाया था और इसमें अगडा-पिछड़ा हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई अमीर-ग़रीब रोज़गार-बेरोज़गार बड़े-बूढ़े-युवा सभी का बल-मन-धन लगा था।

प्रधानमंत्री मोदी को खुला पत्र

आपको ये भी ज्ञात करा दूँ की आपसे लोगों को उमीद भी अपार है और इतनी उमीद जो की आपकी कल्पना से भी अधिक है। आपको ये भी पता होना चाहिए की आप हम हिंदुस्तानियो लिए वो प्रधानमंत्री हो जो हिंदुस्तान के लिए पर्फ़ेक्ट है और बहुत से लोगों का कहना है की आप जैसा पी॰एम॰ आज तक हिंदुस्तान में नही हुआ। ठीक जैसी उम्मीद क्रिकेट worldcup में हिंदुस्तान धोनी से रखता है वैसी राजनीति में हिंदुस्तान मोदी से रखता है।

बीते गत २ सालों में आपने बहुत ही बेहतरीन काम किए है, नए कार्यक्रम चलाए वहीं आपसे कुछ चीज़ें नही हो पायी जैसे की राम-मंदिर और कश्मीर समस्या का समाधान। परंतु हम लोग शांत है और प्रतिक्षित भी लेकिन अब जो हमारी आर्मी पर अटैक हुए पहले पठानकोट और अब उरी इस पर ना ही कोई राजनीति बरदास्त होगी और ना ही अनंतकालीन प्रतीक्षा।

कल आपने जो भाषण दिया उसके कुछ अंश बहुत ही निराशाजनक, संवेदनहिन और असंतोषणिय थे।

हम लोग रोज़ ही सोशल मीडिया पर जो सुनते बोलते आ रहे है वही बातें आपकी भी स्पीच का हिस्सा बनी ये देख के बहुत अफ़सोस हुआ। कल हमें मोदी प्रधानमंत्री नही एक आम आदमी भाषण देता दिखा। हम सबको तो आपसे एक्शन की उम्मीद है, आप किससे उम्मीद लगा के बैठे है?…

बहुत अफ़सोस है, अगर ठोस कदम नहीं उठा सकते तो कम से कम ऐसे मौके पर एक और जुमला मत मारिये।

:: आज़ादी के बाद हमने सॉफ़्टवेर एक्सपोर्ट किया और उन्होंने आतंकवाद :: ये लाइने हम सोशल मीडिया पर रोज देखते है।

आप उनको विश्व समुदाय से अलग करने की बात करते है, तो पहले खुद कुछ ऐसा करना पड़ेगा जिससे उनकी फट जाये। पहला थप्पड़ आपको मारना होगा फिर आपके दोस्त हाथ छोड़ेंगे, अन्यथा किसी को नहीं पड़ी है।

देश आक्रोश में है, चुनावी भाषण की जगह संवेदनशील संवेदना व्यक्त करने की जरुरत है। आप आतंकवाद की फैक्ट्री चलाने वाले देश से अपील की जगह, वहां और यहाँ छुपे कुत्तों को ठिकाने लगाईये। हमें तरीके से नहीं मतलब, नतीजे से मतलब है। तरीका कोई भी हो उनकी फटनी चाहिए, वो भी ऐसी की फिर कभी पठानकोट और उरी करने से पहले उनको हूरें नही रूहें कांप जाये।


आपको बताते दे की भारत में कई राजनेता और पूर्व सैन्य अफसर सरकार से मांग कर रहे है कि वो सीमा पार कर पाकिस्तान में आतंकवादी ट्रेनिंग कैम्पो पर हवाई हमले करे।