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10 गांव जहां हर भारतीय को कम से कम एक बार जरूर जाना चाहिए

10 गांव जहां हर भारतीय को कम से कम एक बार जरूर जाना चाहिए
ImageSource: townplaning.gujrat.gov.in

बर्फ से ढकी चोटियों से लेकर घने जंगलों तक,17 भाषओं से 22,000 बोलियों तक,किसान आत्महत्या से खाप पंचायत तक,खुले में शौच से मातृ मृत्यु दर तक,शैम्पू के पाउच से लेकर सस्ते मोबाइल तक-भारत का दिल अपने 6,38,000 गांवो में धड़कता है, जहां देश की 70 फीसदी आबादी रहती है.शहरी जीवन की नीरसता से बहुत दूर ये गांव वर्तमान भारत के सामाजिक,आर्थिक,सांस्कृतिक और राजनैतिक जीवन के स्फूर्त बदलाव को समझने की अहम इकाई है। ग्रामीण भारत आज बदलाव के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे है,लेकिन ऐसे कुछ गांव है जो रूढ़िवादी परंपराओं को चाहे छोटे स्तर पर हो या बड़े स्तर पर,विचित्र हो या गंभीर ये हमेशा चुनौती देते आये है और अपनी शर्तों पर फल फूल रहे है। भारत के 10 ऐसे गांव जहां हर भारतीय को कम से कम एक बार जरूर जाना चाहिए-

10 गांव जहां हर भारतीय को कम से कम एक बार जरूर जाना चाहिए
प्रतिक चित्र
10. पिंपलांत्री, राजस्थान 

 इस गांव में हर लड़की के जन्म पर 11 पेड़ लागए जाते है ।

9. कोक्कारेबेल्लुर, कर्नाटक

इस गांव का नाम एक पक्षी (भूरे रंग के हवासील पक्षी ) के नाम पर रखा गया. यह गांव हर साल आने वाले दुर्लभ प्रवासी पक्षियों को बचाता और पालता-पोसता है,भले इसके बदले उसे कुछ फसल का नुकसान उठाना पड़ता है।

8. मोहम्मदपुर उमरी, उत्तरप्रदेश 

यह जुड़वां लोगो से भरा गांव है.600 की आबादी वाले इस गांव में 33 जोड़ी जुड़वां लोग है ( अमूमन 600 में दो जुड़वां ही काफी माने जाते )

7. बिसरख, उत्तरप्रदेश 

यहां 900 परिवार रहते है और वे मानते है कि पौराणिक रावण का जन्म यहीं हुआ था और हर दशहरे में वे रावण की मौत का शोक मनाते है।

6. वेलियांबर, केरल 

इस गांव में 300 परिवार है, यहां के हर व्यक्ति ने अपने शरीर के अंगों को दान करने की शपथ ली है।

5. दरियापुर, पश्चिम बंगाल

यह तांबा ढालने वालो का गांव है. इस गांव के सभी लोगो का एक ही सरनेम है- कर्मकार. यहां का हर व्यक्ति एक ही बोली मल्हार बोलता है (बंगला नही ). यहां हर कोई आदिवासी कला डोकरा पर काम करता है।

4. हिवरे बाजार, महाराष्ट्र 

1990 के दशक ने गांव की प्रति व्यक्ति आय 830 रु थी, जो बढ़कर 30,000 रु हो गयी है,यही नही गांव में 60 करोड़पति भी है।

10 गांव जहां हर भारतीय को कम से कम एक बार जरूर जाना चाहिए
प्रतिक चित्र
3. पुंसरी,गुजरात 

यह अहमदाबाद से करीब 90 किलोमीटर दूर है.इसे ‘मॉडल’ गांव का दर्जा दिया गया है. यहां शहर की सारी सुविधाएं मौजूद है: शौचालय से लेकर वाईफाई-युक्त स्कूल और सीसीटीवी-नेटवर्क जैसे सुरक्षा साधन भी है।

2. राबिडपूरा, मध्यप्रदेश 

यह गांव ब्रिज खेलने के लिए मशहूर है. पीढ़ियों से यहां का हर पुरुष दो एक तुरुप की चाल चलने के लिए जाना जाता है.

1. तमनाथ, महाराष्ट्र 

यहाँ प्लास्टिक बैग बिल्कुल इस्तेमाल नही होता और 98 फीसदी साफ़-सफाई है.इस तरह यह देश के सबसे स्वच्छ गांवो में है.और यह सब सामूहिक सहयोग और कोशिश से संभव हो सका है।