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500 और 100 के नोट बंद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

500 और 100 के नोट बंद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
सरकार की 500 और 100 का नोट रातों रात बंद करने की घोषणा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हो गयी है। याचिका में सरकार के आदेश को मनमाना और गैर कानूनी बताते हुए आदेश को रद्द करने की मांग की गयी है।

सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार के 500 और 1000 नोटों के प्रतिबंधित करने के फैसले के खिलाफ दो याचिका फाइल की जा चुकी है। दोनों याचिका कर्ता अभ्यासरत  वकीलों की है ,जिसमे से एक सुप्रीम कोर्ट से विवेक नारायण शर्मा तथा दूसरी वकील संगम लाल पांडेय ने की है।

500 और 100 के नोट बंद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
विवेक नरायन शर्मा की याचिका 39 पन्नो की है जिसमे उन्होंने 500 और 1000 नोट बंद होने व नये नोटों की स्कीम पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह से असफल बताया है।

The petition states that,

“…phasing out of specified bank notes on 9.11.2016 was announced by the Hon’ble Prime Minister between 8.00pm – 9.20pm on 8.11.2016 and thereafter that Notification dated 8.11.2016 was issued around 11.00pm by Respondent. It is submitted that Hon’ble Prime Minister also announced that new bank notes of denominations of Rs.500/- and Rs.2000/- are going to replace the existing specified bank notes of Rs.500/- and Rs.1000/-. Therefore, giving no time to people in possession of Rs. 500 & Rs. 1000/- to exchange from banks and other government utilities..”

‘राईट टू लाइफ’ और ‘राईट टू ट्रेड’ सवैधानिक अधिकार के तहत  किसी भी भारतीय नागरिक को अधिकार है कि वह केंद्र सरकार की किसी भी असुरक्षित,अकारणीय योजना के खिलाफ कोर्ट में  अपनी आवाज़ उठा सकता है।

वही दूसरे वकील संगम लाल पांडेय ने अपनी याचिका में इसे ‘तुगलकी फरमान ‘ बताते हुए इस फैसले को जनता विरोधी और मनमाना करार देते हुए रद्द करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि वह किसानों, मजदूरों,और जिनके घर में शादी पार्टी जैसे आयोजन है उन्हें पूरा करने के लिए सरकार उचित समय सीमा तय करे। आपात काल को देखते हुए वे कोर्ट से इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध करेंगे।